वर्तमान में इंटरनेट का दौर है, इंटरनेट ने ऐसे कई विकल्प दियें हैं जिनके जरिये हम अपनी पहुंच लाखों लोगों तक बना सकते हैं। डिजीटल होते इस दौर ने आनलाइन पैसे कमाने के भी विकल्प दिये हैं जिनमें ब्लागिंग भी एक बेहतर विकल्प है। ज्ञानी बाबू की इस ब्लॉगिंग सीरीज में आप जानेंगे कि ब्लॉग क्या होता है और ब्लॉग लिखकर कैसे हम लोगों के बीच में अपनी पहचान तो बना ही सकते हैं साथ ही कैसे इसे अपना प्रोफेशन भी बना सकते हैं।

जब बात ब्लॉगिंग की होती है तो हमारे दिमाग में पहले से पढ़े हुये आर्टिकल या देखे हुये वीड़ियोज आते हैं जिनमें कई बार हमने ब्लाग और ब्लागिंग के बारे में जानने की कोशिश की हो, लेकिन ज्यादातर वे हमारे काम के नही होते या फिर पूरी जानकारी नही होती, इसलिये ज्ञानी बाबू ब्लाग और ब्लागिंग पर एक पूरी सीरीज प्रस्तुत कर रहा है जिसके माध्यम से आपको ब्लागिंग से जुड़े एक—एक सबाल का जबाब मिलेगा।

ब्लॉग क्या होता है

ब्लॉग वेब लॉग का एक सूक्ष्म रूप है। ब्लॉग एक आनलाइन डायरी होते हैं, जैसे हम अपनी कोई डायरी लिखते हैं जिसमे रोज नये पेज पर अपने अनुभव या कोई टिप्पणी लिखते हैं ब्लाग ठीक इसका आनलाइन संस्करण होता है। सबसे पहले 1990 में ब्लागिंग 1990 में शुरू हुई जब इंटरनेट फोरम सॉफ्टवेयर कंपनी वेबएक्स ने एक आनलाइन कंवर्सेशन थ्रेड शुरू किया जिसमें लोग अपनी राय रखते थे और एक दूसरे से बात चीत किया करते थे। इसके बाद 1994 में जस्टिन हाल नामक एक व्यक्ति ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में ब्लॉग लिखना शुरू किया। उन्हे दुनिया के पहले ब्लॉगर्स में से माना जाता है। धीरे—धीरे लोगों डायरी छोड़ कर ब्लागिंग की तरफ आना शुरू हो गये। डायरी से ब्लॉग कई मामलों में बेहतर थे, एक तो ये डायरी से ज्यादा सुरक्षित थे, खोने या खराब होने का ड़र नही था, वही दूसरे हम अपने विचारों को असीमित लोगों तक पहुंचा सकते हैं।

ब्लॉग एक तरह की वेबसाइट होती हैं जिनमें असीमित नये पेज जोड़े जा सकते हैं। इसे डायरी की तरह ही लिखा जाता है। ब्लॉग में लेख, फोटो और दूसरे अन्य महत्वपूर्ण लिंक भी हो सकते हैं। ब्लॉग को हिंदी में चिटठा कहा जाता है और ब्लॉग लिखने बाले को चिटठाकार, हांलांकि ये कम प्रचलित है। हिंदी में सबसे पहला ब्लॉग अलोक कुमार जी द्वारा नौ दो ग्यारह गया था तथा ब्लॉग को चिटठा शब्द भी उन ही के द्वारा दिया गया था।

ब्लॉग कितने प्रकार के होते हैं

सामान्यत ब्लॉग दो प्रकार के होते हैं जैसे प्राइवेट ब्लॉग या पब्लिक ब्लॉग

प्राइवेट या निजि ब्लॉग क्या होते हैं

प्राइवेट ब्लॉग वे ब्लॉग होते हैं जिन्हे केवल लिखने वाला पढ़ सकता है या फिर लिखने वाला जिन लोगों को उसे पढ़ने के लिये आमंत्रित करता है या पढ़ने की अनुमति देता है सिर्फ वही लोग पढ सकते हैं। ऐसे ब्लॉग को प्राइवेट ब्लॉग कहते हैं।

पब्लिक या सार्वजनिक ब्लॉग क्या होते हैं

ऐसे ब्लॉग जो लेखक द्वारा लिखे जाते हैं और किसी भी व्यक्ति के द्वारा पढ़े जा सकते हैं यानी इंटरनेट पर उन्हे कोई भी पढ़ सकता है ऐसे ब्लॉग को पब्लिक या सार्वजनिक ब्लॉग कहा जाता है।

इसके ​अतिरिक्त अन्य कई प्रकार के ब्लॉग भी होते हैं जो कि प्राइवेट या पब्लिक दोनो केटेगरी के अंदर हो सकते हैं जैसे

सामुदायिक या कम्युनिटि ब्लॉग
ये वे ब्लॉग होते हैं जो किसी खास समुदाय या वर्ग के लोगों के लिये बनाये जाते हैं। इनमें उस समुदाय के बारे में लिखा होता है जैसे उसका इतिहास, वर्तमान स्थिति समस्याऐं, समुदाय के लोगों के विचार आदि। ऐसे ब्लॉग पब्लिक या प्राइवेट दोनो प्रकार के हो सकते हैं।

विषय आधाारित ब्लॉग
ऐसे ब्लॉग जो किसी विषय पर आधारित होते हैं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीकि, विज्ञान आदि। इन ब्लॉग पर इनके विषयों से जुड़ी जानकारियां होती हैं। ये ब्लॉग किसी भी विषय पर आधारित हो सकते हैं। इस समय सबसे ज्यादा प्रचलन में यही ब्लॉग हैं।

यात्रा वृतांत ब्लाग
इन ब्लॉग को वे लोग लिखते हैं जो बहुत यात्राऐं करते हैं और ​अपनी यात्राओं के दौरान होने वाले अनुभवों को अपने पाठकों के साथ साझा करते हैं। आज कल ये ब्लॉग भी ज्यादा बनने लगे हैं।

न्यूज ब्लॉग
डिजीटल होते इस दौर में पत्रकारिता भी डिजीटल होती जा रही है। ऐसे में रोजाना नये न्यूज पोर्टल शुरू हो रहे हैं। असल में न्यूज पोर्टल ही न्यूज ब्लॉग होते हैं। अर्थात ऐसे ब्लॉग जो न्यूज कंटेंट पब्लिश करते हैं वे न्यूज ब्लॉग कहलाते हैं।

इसी प्रकार कई प्रकार के ब्लॉग होते हैं। जो अलग अलग रूचियों, विषयों पर आधारित होते हैं और अपने पाठकों को ज्ञानवर्धक जानकारियां प्रदान करते रहते हैं।

ब्लॉगिंग क्या होता है

ब्लाग लिखने व ब्लॉग लिखने के लिये रिसर्च करने, आदि की प्रक्रिया को ब्लॉगिंग कहते हैं। अगर आसान भाषा में कहा जाऐ तो ब्लाग लिखने को ब्लागिंग कहते हैं और जो भी व्यक्ति ब्लॉग लिखता है उसको ​ब्लॉगर कहते हैं।

अगर हम आपसे एक सवाल करें कि क्या आप डायरी लिखने को अपना करियर बना सकते हैं तो आप थोड़ा सोच में पढ़ जाऐंगे कि आखिर डायरी लिखना कैसे करियर हो सकता है। आखिर करियर तो वो होता है जहां लोग हमें जाने और हम पैसा भी कमाऐं। हॉ किताब लिखना तो करियर हो सकता है। लेकिन यहां हम आपको एक मजेदार और सबसे काम की बात बता रहे हैं कि आज के डिजीटल दौर में ब्लॉग लिखना करियर है और हजारों युवा इसके जरिये कई हजार या यूं कहें कि कई लाख रूपये साल के कमा रहे हैं तो गलत नही होगा। कुछ लोग तो इससे करोड़ो भी कमा रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर ब्लॉग लिख कर पैसे कैसे कमाऐ जा सा सकते हैं। ऐसा क्या तरीका है या कौन सी ऐसी स्कीम हैं कि आप ब्लॉग लिखे और वो आपका करियर बन जाऐ। आप सोच में पढ़ गये होंगे।

लेकिन दोस्तों हम यहां आपको बता दें कि आपकी ड़ायरी एक घर के किसी कौने में पड़ी रहती है जिसे गिनती के 5 — 10 लोगों ने पढ़ा होगा। अगर आपके घर में ज्यादा लोग रहते हैं या फिर आप अपनी डायरी अपने दोस्तों को भी पढ़ने को देते हैं तो हो सकता है कि 50—60 या 100 लोगों ने उसको पढ़ा हो। लेकिन ब्लॉगिंग में ऐसा नही होता है। अगर आप अच्छा लिख रहे हैं और कुछ ऐसा लिख रहे हैं जिससे लोगों की मदद हो रही है तो आपके ब्लॉग को लाखों लोग भी पढ़ सकते हैं और यहीं से डिजीटल मार्केटिंग का दौर शुरू होता है और कमाई का साधन भी।

शुरूआत में ब्लागिंग की दुनिया में अंग्रेजी लिखने वालों का बोल बाला था। लेकिन जैसे जैसे भारत में इंटरनेट की पहुंच आम आदमी तक हो रही है वैसे वैसे हिंदी पढ़ने वालों की तादाद बढ़ रही है। इस कारण भारत में हिन्दी ब्लॉगर भी बढ़ रहे हैं। जो कि इंटरनेट पर हिंदी में बहुत अच्छा कंटेट लिख रहे हैं। यही कारण है कि इंटरनेट पर लिखने को लेकर कई नये स्टार्टअप शुरू हो चुके हैं।