छोटे बच्चों के दांतो की देखभाल कैसे करें?

छोटे बच्चों के दांतो की देखभाल

दांत कुदरत का दिया हुआ अनमोल तोहफा हैं। दांत चेहरे की सुंदरता तो बढ़ाते ही हैं वही जीवन भर खाना खाने में हमारी मदद करते हैं। लेकिन अक्सर बचपन में छोटे बच्चों के दांतो की पर्याप्त देखभाल न होने के कारण दातों में कई प्रकार की समस्या उत्पन्न हो जाती है जैसे कम उम्र में दांत खराब होना, मंसूडों का कमजोर होना, दातों में टेढ़ापन, संक्रमण आदि। ग्लोबल बर्डन आफ डिजीज की 2016 की एक रिपोर्ट में पाया गया है कि दुनिया भर में 786 मिलियन बच्चों के दूध के दांतो में सड़न की समस्या है। बच्चो के दांतो में पीलापन, कैविटी, सड़न आदि समस्या उत्पन्न हो जाती है।

ऐसे में मॉ—बाप का फर्ज है कि वे अपने नादान बच्चों की दांतो की केयर करें और बचपन में अपने बच्चों के साथ साथ उनके दांतों की भी देखभाल करें। यदि छोटे बच्चों के दांतो की उचित देखभाल नही होगी तो उनमें कीड़े लगने की संभावना ज्यादा रहते है। इसलिये माता—पिता को शिशुओं के दांतों की सफाई पर ध्यान देना चाहिये।

अमूमन 3 से 4 साल तक के बच्चे अपने दांतो की ठीक तरह से सफाई खुद नही कर पाते हैं। अगर बच्चों के दूध के दांत खराब हो जाते हैं तो दांतो की जड़े खराब होना शुरू हो जाती हैं। इसलिये बच्चों के दांतो की नियमति सफाई और स्वच्छता पर ध्यान रखना दैनिक दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिये।

शिशु के दांतों को ब्रश करना कब शुरु करना चाहिए?

सामान्यत: बच्चों के दांत 6 से 7 महीने की अवधि में दिखाई देना शुरू हो जाते हैं। वहीं कुछ शिशुओ में एक साल तक का समय लग जाता है। शुरूआत में शिशुओं के दो दांत नीचे की तरफ निकलते हैं। जैसे ही शिशुओं में दांत निकलना शुरू हों उनकी सफाई पर विशेष ध्यान देना शुरू कर देना चाहिये।

शिशु के दांतों को दिन में दो बार सुबह और रात को सोने से पहले ब्रश जरूर करें। लेकिन ध्यान रखें कि शिशुओं के लिये साफ्ट ब्रिसल्ड टूथब्रश का ही इस्तेमाल करें और सर्कुलर मोशन में ब्रश कराऐं। जब दो तीन दांत आ जाऐं तो फ्लाश करना शुरू कर दें। इससे दांतो के बीच फंसा हुआ खाना निकल जाऐगा और दांतो में कीड़े नही लगेंगे।

दो से ढ़ाई साल की अवधि में बच्चे के 20 दांत हो जाते हैं। तब तक टूथपेस्ट का इस्तेमाल न करें। सिर्फ ब्रश पर पानी डालकर ही ब्रश कराऐं। जब तक आपका बच्चा कम से कम सात साल तक का न हो जाऐ तब तक आप खुद ब्रश कराऐं। इस उम्र तक पहुंचने के बाद वे खुद अच्छे से ब्रश कर पाऐगा।

शिशु के दांतो की सफाई कैसे करें?

  • बच्चों के मसूड़ों पर हल्का से दबाब दें। ​इससे उन्हे दर्द में आराम मिलता है। अपनी उंगली को अच्छे से साफ कर लें ओर उनके मसूड़ों पर रगड़ें।
  • साफ और गीले कपड़े से रोजाना दांतो और मसूड़ों को साफ करें। इससे मुंह में वैक्टीरिया नही पनपेंगे।
  • मंसूड़ों के अलावा जीभ भी अच्छे से साफ करें। खाने पीने के दौरान बच्चे की जीभ पर सफेद रंग जम जाता है। गीले कपड़े से उसे साफ करें, लेकिन जीभ पर ज्यादा दबाब न डालें।
  • जब बच्चा कम से कम छ: महीने का हो जाऐ और उसके दांत दिखने लगें तब आप टूथब्रश का इस्तेमाल करना शुरू कर सकते हैं। लेकिन याद रहे कि ब्रश के ब्रिसल नरम और नॉयलान के बने हों। आप Colgate Extra Soft Toothbrush का इस्तेमाल कर सकते हो। इसे बच्चो के लिये ही विशेष रूप से बनाया जाता है। आप इसे यहां क्लिक करके खरीद सकते हो।
  • बेहतर होगा कि आप टूथपेस्ट की जगह पानी का इस्तेमाल करें। यदि आप टूथपेस्ट इस्तेमाल करना चाहते हो तो फ्लोराइ मुक्त MAMA EARTH’s Berry Blast Toothpaste का इस्तेमाल कर सकते हो। लेकिन इसकी मात्रा बहुत कम होनी चाहिये।
  • ब्रश का इस्तेमाल गोलाकार गति में करें। दांत के सामने की ओर, नीचे की ओर, पीछे की ओर, और चबाने वाली सतह पर ब्रश करें।
  • मुंह के अंदर तालू वाले भाग को, गालों के अंदर वाले भाग को और जीभ को एक स्वच्छ कपड़े से साफ करें।

बच्चों के दांतों की देखभाल कैसे करें?

  • मीठा खाने के आधे घंटे बाद ब्रश कराऐं। ऐसा करने से उनके दांत में सड़न नही होगी और दांत स्वस्थ्य रहेंगे।
  • बच्चे के खाने में फाइबर की मात्रा भरपूर रखें।
  • शिशुओं को मीठा दूध न पिलाऐं, उन्हे सादा दूध पिलाऐं।
  • जब शिशु सो जाऐ तो अपना बेस्ट उसके मुंह से निकाल लें।
  • बच्चों को चीनी न दें।
  • जब शिशु की उम्र एक साल से ज्यादा हो जाऐ तो उन्हे सिप्पर से पीने की आदत डालें।
  • रात में बच्चों को दूध की बोतल न दें।

कैविटी को कैसे रोकें?

बच्चों के दांतों में कैविटी होना अब एक आम समस्या बन गई है। इसको रोकेने के लिये बच्चे के दांतो की देखभाल अपनी नियमित दिनचर्या में शामिल कर लें। बच्चों को दूध पिलाने के बाद उसके मुंह और दांतो को साफ करें। यदि बड़ा है और स्वंय ब्रश कर सकता है तो दूध पीने के बाद उसे ब्रश करने के लिये कहें। ब्रश करने से दांतो में खाना जमा नही हो पाता ​जो कि दांतो में कैविटी को रोकने में मदद करता है और दांतों को सड़ने से बचाता है।

बच्चों के दांतों को टूटने से कैसे रोकें?

छोटे बच्चों के दांतो का गीले कपड़े से ही साफ करें। यदि बच्चा ढाई से तीन साल का हो जाता है तो फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें। फ्लोराइड एक प्राकृतिक खनिज है जो कि नल के पानी में पाया जाता है। यह दांतों को मजबूत करता है और सड़ने से रोकता है। लेकिन टूथपेस्ट में फ्लोराइड की ज्यादा मात्रा भी नही होनी चाहिये। बच्चों को अत्याधिक एसिड और चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करन दें। उन्हे कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों जैसे दूध और पनीर का सेवन कराऐं। यह दातों और हड्डियों को मजबूत बनाता है।

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