जनवरी का महीना शुरू हो चुका है। जनवरी का महीना हम भारतीयों के लिये काफी खास है। क्योंकि जनवरी में हम कई त्यौहार मनाते हैं जिनमें लौहड़ी, पौंगल, मकर सक्रान्ति, गणतन्त्र दिवस, बसंत पंचमी प्रमुख हैं। इनमें से गणतंत्र दिवस हम भारतीयों के लिये अत्यन्त महत्वपूर्ण है। गणतन्त्र दिवस हर साल 26 जनवरी को मनाया जाता है। ये भारतीय का साल में सबसे पहले मनाया जाने वाला राष्ट्रीय पर्व है। इस वर्ष भारत 71वां गणतन्त्र दिवस मनाऐगा।

क्या होता है गंणतन्त्र दिवस

गणतंत्र दिवस को अंग्रेजी में रिपब्लिक डे (Republic Day) भी कहा जाता है। ये भारतीय के लिये बेहद महत्वपूर्ण दिन हैं। 26 जनवरी 1950 के दिन भारत में संविधान लागू हुआ था। यानी इसी दिन देश में कानून के राज की शुरूआत हई। भारतवर्ष में इस दिन को धूमधाम से मनाया जाता हे। राजधानी दिल्ली में स्थित इंडिया गेट पर झांकी निकाली जाती है और राष्टपति को 21 तोपों की सलामी दी जाती है।

संविधान 26 जनवरी को ही क्यों लागू किया गया था

सभी लोग जानते हैं कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू किया गया था। लेकिन बहुत कम ही लोग जानते हैं कि संविधान इसी दिन क्यों लाूग किया। जबकि संविधान तो इससे पहले ही बन कर तैयार हो चुका था। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा के अध्यक्ष को संविधान सौंप दिया गया था। संविधान को लागू करने के लिये 26 जनवरी 1950 का चयन एक ऐतहासिक घटना के आधार पर किया गया था। आइये जानते हैं क्या थी वो ऐताहासिक घटना।

ये भी पढें:— भारत का संविधान कैसे तैयार हुआ।

साल 1929 में दिसम्बर के महीनें में लाहौर में प. जवाहर लाल नेहरू की अध्यक्षता में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का एक अधिवेशन हुआ। इस अधिवेशन में प्रस्ताव हुआ कि अगर बिट्रिश हुकुमत 26 जनवरी 1930 को भारत को डोमिनियम का पद नही देता है तब तो भारत खुद को पूर्ण रूप से स्वतंत्र घोषित कर देगा। लेकिन अंग्रेजो नें ऐसा कुछ नही किया और 26 जनवरी 1930 को नेहरू ने लाहौर में रवि नदी के किनारे तिरंगा फहरा दिया और स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया। उस दिन से 1947 तक देश में 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। इसके बाद 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हो गया और 26 नवंबर 1949 तक संविधान भी तैयार हो गया। तब नेताओं ने निणर्य लिया कि संविधान को 2 महीने बाद 26 जनवरी 1950 को लागू किया जाऐगा।

गणतंत्र दिवस समारोह

26 जनवरी को भारत में गणतंत्र दिवस समारोह किया जाता है। भारत के राष्ट्रपति द्वारा तिरंगे को फहराया जाता है ​और फिर इसके बाद सामूहिक रूप से खड़े होकर राष्ट्रगान गाया जाता है। इस दिन इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक एक भव्य परेड की जाती है। इस परेड में भारत की तीनों सेना, थल सेना, जल सेना और वायु सेना भाग लेती हैं। वहीं एनसीसी व विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र भी भाग लेते हैं। परेड करते हुये प्रधानमंत्री अमर जवान ज्योति पर पुष्प माला डालते हैं और फिर शहीदों की स्मृति के लिये दो मिनट को मौन रखा जाता है। इस परेड के अवसर पर विदेश के राष्ट्रीय अध्यक्षों को आमंत्रित किया जाता है। गणतंत्र दिवस पर प्रस्तुत की जाने वाली परेड में विभिन्न राज्यों की प्रदर्शनी होती है। जिसमें राज्य के लोगों की विशेषता, उनके लोकगीत व कला का प्रदर्शन् किया जाता है।

गणतंत्र दिवस परेड फोटो सोर्स — financialexpress

इस बार 26 जनवरी 2020 को भारत 71वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। हर बार की तरह इस बार भी किसी अन्य देश के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मुख्य अतिथि को बलाया जाऐगा। इस बार गणतंत्र दिवस के समारोह में ब्राजील के राष्ट्रपति जेअर बोल्सोनारों का आमंत्रित किया गया है। जेअर बोल्सोनारों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान न्योता दिया था। बोल्सोनारों ने यह आमंत्रण स्वीकार भी कर लिया है।

जेअर बोल्सोनारो फोटो सोर्स — thedialogue

गणतंत्र दिवस के लिए कैसे चुने जाते हैं मुख्य अतिथि

भारत में गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि पद को प्रोटोकॉल के हिसाब से भारत का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इसके लिये भारत का विदेश मंत्रालय कई पहलुओं पर जॉच करता है​ जिसमें भारत के साथ उस देश का रिश्ता सबसे अहम होता है। जॉच के बाद प्रधानमंत्री की अनु​मति ली जाती है और फिर राष्ट्रपति भवन से अनुमति ली जाती है।