ब्लॉगिंग सीरीज की पिछली दो पोस्ट में आपने जाना कि ब्लॉग या ब्लॉगिंग क्या होता है, ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमाये जाते हैं। आज की पोस्ट में आप जानोगे कुछ ऐसी बातों के बारें में जो कि एक ब्लॉग शुरू करने से पहले बेहद जरूरी है।

अगर आप भी कोई ब्लॉग शुरू करने का प्लान कर रहे हैं तो ये पोस्ट आपके लिये बहुत जरूरी है। क्योंकि एक सफल ब्लॉग बनाने और एक सफल ब्लॉगर बनने के लिये शुरूआत से ही इन चीजों के लिये जान लेना चाहिये ताकि बाद में आपको कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। ब्लॉग बनाना बहुत आसान हैं, अगर आप अच्छा लिखते हैं तो आपके ब्लॉग को पाठक भी मिल जाऐंगे लेकिन ये सब लिमिटेड रहेगा। अगर आप एक प्रोफेशन ब्लॉगर बनना चाहते हो तो आपको सुनियोजित तरीके सें शुरूआत करनी होगी। आइये जानते हैं ब्लॉग बनाने से पूर्व ध्यान रखने योग्य बातें

खुद से पूंछे कि आप ब्लॉग क्यों बना रहे हैं

बहुत से लोग ब्लॉगिंग से पैसा कमाने के चक्कर में ब्लॉगिंग शुरू कर देते हैं और जब पैसा नही कमा पाते तो छोड़ कर चले जाते हैं, और फिर कहते फिरते हैं कि ब्लॉगिंग बेकार है, या फिर ब्लॉगिंग को लेकर नकारात्मक बाते फैंलाते हैं। इसलिये ब्लॉगिंग शुरू करने से पहले खुद से पूंछे कि आप ब्लॉगिंग क्यों करना चाहते हैं। अगर आप ब्लॉगिंग सिर्फ पैसे के लिये करना चाहते हैं तो भूल जाऐं। क्योंकि ब्लॉगिंग से पैसा कमाने से ज्यादा महत्वपूर्ण लोगों को अच्छा कंटेट देना हैं। अगर आप अच्छा कंटेंट लिख सकते हैं तो आप ब्लॉग शुरू कीजिये। अगर नही लिख सकते तो फिर पहले अच्छा कंटेंट लिखना सीखिये इस​के लिये आप किसी और ब्लॉग को पढ़िये। अपना कंटेंट उन्हे पब्लिश करने के लिये दिये। जब आपको लगे कि हां अब आपका कंटेंट दमदार है तो आप ब्लॉग शुरू कर सकते हैं। वहीं ये बात भी जान लीजिये कि पैसे पेड़ पर नही लगते और न ही ब्लॉगिंग शुरू करने के बाद आपको अलीबाबा की गुफा का पता चल जाऐगा जहां आप खुल जा सिमसिम बोलेंगे और जितना चाहें उतना माल ले लेंगे। बल्कि ब्लॉगिंग में भी आपको उतनी ही मेहनत लगेगी जितनी किसी और बिजनेस में लगती है। बिना सोचे समझे ब्लॉगिंग शुरू करने से आपका समय ही खराब होगा। इसलिये पहले तय कर लें कि आपको ब्लॉगिंग क्यों करनी हैं।

ब्लॉगिंग पार्टटाइम नही होती, ये हमेशा फुल टाइम ही होती है

अब आप कहेंगे कि ये हम क्या कह रहे हैं। अब तक तो हमें बताया गया था कि ये पार्टटाइम होती है। बड़े बड़े ब्लॉगर कहते हैं कि हम इसे पार्टटाइम शुरू कर सकते हैं। लेकिन ये बात सत्य है। वो दौर चला गया जब आप ब्लॉगिंग को पार्टटाइम करके एक अच्छा ब्लॉगर बन सकते थें। पहले की बात और थी। तब इंटरनेट पर इतना कंटेंट उपलब्ध नही था और हिंदी में तो बिल्कुल नही था और ब्लॉगर भी बहुत कम थे। आज जो नये ब्लॉगर आ रहे हैं वो इसे पार्टटाइम नही बल्कि फुल टाइम सोचकर आ रहे हैं। बड़ी बड़ी कंपनिया अब ब्लॉगिंग के क्षेत्र में आ गई हैं। स्टार्टअप शुरू हो गये हैं। अब ब्लॉगिंग के लिये लोग सुबह 10 से शाम 5 बजे तक काम कर रहे हैं। अब सोचिये जब लोग ब्लॉगिंग में इतनी मेहनत कर रहे हैं तो फिर आपकी पार्टटाइम ब्लॉगिंग कैसे उन्हे कम्पटीशन दे पायेगी। वहीं आपको लगता है कि आर्टिकल लिखने में तो सिर्फ 40 से 50 मिनट लगते हैं। तो आप गलत हैं। आप भले ही एक अच्छा आर्टिकल 40 से 50 मिनट या फिर एक घंटे में लिख दें। लेकिन ब्लॉगिंग सिर्फ आर्टिकल लिखना ही नही हैं। उस आर्टिकल पर रिसर्च करना। उसके लिये एक बेहतरीन इमेज देना। एसईओ, कीवर्ड प्लानिंग, बैकलिंक, यूजर इंगेजमेंट, सोशल मीड़िया आदि के लिये भी पर्याप्त टाइम चाहिये। ऐसे में अगर आप इसे पार्टटाइम मान कर चल रहे हो तो फिर सावधान हो जाइये। ब्लॉगिंग फुल टाइम का खेल है दूसरे बिजनेस की तरह ही। अगर आपके पास टाइम की कमीं है तब भी आपको दिन—भर में कम से कम 5 घंटे का टाइम तो ब्लॉगिंग को देना ही होगा।

ब्लॉग बनाने से पहले अच्छे से ब्लॉगिंग समझ लें

अगर आप ब्लॉग बनाने की सोच रहें है तो जरूर बनाइयेगा। लेकिन जल्दबाजी मत करियेगा। पहले इसके बारे में अच्छे से सीखा लीजियेगा। एक कहावत है कि दूर के ढ़ोल सुहाने लगते हैं ब्लॉगिंग भी ऐसा ही है। यहां हम आपको डरा नही रहे हैं बल्कि आपको सलाह दे रहे हैं। ब्लॉगिंग से आप निश्चित ही एक अच्छी खासी इनकम कर पाओगे। लेकिन बिना जानकारी के सिर्फ अपना समय ही खराब करोगे। इसलिये आपको पहले ये जान लेना जरूरी है कि आखिर ब्लॉग बनाने के अलावा और भी क्या—क्या जरूरी चीजें होती हैं जैसे ब्लॉग किस प्लेटफार्म पर बनाऐं वर्डप्रेस या ब्लॉगर। कौन सी होस्टिंग आपके लिये ठीक रहेगी। कौन सी थीम आपके ब्लॉग के लिये बेहतर होगी। गूगल में रैंक करने के क्या—क्या फैक्टर होते हैं। ये सब जानकारी करने के बाद ब्लॉग बनाइये। इससे आपके सफल होने के चांसेज ज्यादा हैं। सिर्फ आंखे बंद करके ब्लॉग बनाने और अंधाधुंध आर्टिकल लिखने से कुछ नही होता।

अपनी रूचि और विशेषता पहचानें

अगर आप ब्लॉग बना रहे हैं तो इसी आशय से बना रहे होंगे कि लोग आपको पढ़ें। जब लोग आपको पढ़ेंगे तभी आप सफल ब्लॉग बनेंगे। लेकिन उससे पहले ये सोचे कि जब इंटरनेट पर पहले से लाखों ब्लॉग हैं तो फिर लोग आपके ब्लॉग को क्यों पढ़ेंगे और आप किस विषय पर लिखेंगें। इसके लिये पहले आपको अपने रूचि और विशेषता जाननी होगी। कि आपके अंदर ऐसी क्या विशेषता है जो कि आपको औरों से बेहतर बनाती है। इसके अलावा आपको अपनी रूचि भी जाननी होगी कि ऐसा क्या टॉपिक है जिस पर आप लिखते रहोगे लेकिन आप कभी उससे निराश नही होगे। ये जानने के बाद ही आप अपना ब्लॉग बनाऐं क्योंकि अगर बिना खुद को पहचाने आप ब्लॉग बनाते हो तो आपका ब्लॉग बहुत ज्यादा दिन नही चलने वाला। उदाहरण के लिये मान लीजिये आपको क्रिकेट में बहुत रूचि है आप क्रिकेट देखते हो, आप बता सकते हो कि कब कौन से प्लेयर ने कौन से मैच में कितने रन बनाये। तो आप किक्रेट पर ब्लॉग बना सकते हो इसमें आपकी रूचि भी है जिसके कारण आप किक्रेट से जुड़ी हर जानकारी से अपडेट रहते हो वहीं आपकी विशेषता भी है कि आप कि आप क्रिकेट पर बाकी लोगों से ज्यादा जानते हो। वहीं अगर आपको किक्रेट में रूचि है और आप टेक्नॉलॉजी पर ब्लॉग बनाते हो तो आप बहुत ज्यादा दिनों तक नही लिख पाओंगे और बहुत अच्छा भी नही लिख पाओगे। क्योंकि टेक पर लिखने के लिये आपको पहले टेक पढ़ना पडेगा उसके बाद आपको लिखना होगा। आप खुद को जबरन टेक्नॉलॉजी की ओर आकर्षित करोगे लेकिन आपका मन आपको इसकी इजाजत नही देगा। यानी आप काम मन से नही कर पाओगे और जब कोई काम मन से नही किया जाता है तो वो काम कभी सफल नही होता।

कारण ढंढे कि लोग ब्लॉगिंग में क्यों असफल हो गये

कोई भी बड़ा ब्लॉगर आपको ये जरूर बतायेगा कि उसने कौन से ऐसे कार्य किये जिससे वो सफल ब्लॉगर बन पाया। लेकिन बहुत से कम लोग ही आपको ये बताऐंगे कि आखिर लोग ब्लॉगिंग में असफल क्यों हो जाते हैं। आपको एक राज की बात बताता हूं ज्यादातर ब्लॉगर कई प्रयासों के बाद ही सफल हो पाऐं हैं। बहुत से ब्लॉगर ऐसे हैं जिन्होने कई ब्लॉग बनाऐं और वे बहुत अच्छे नही चले। बाद में उन्होने ब्लॉगिंग बंद कर दी। इसलिये आपको ये जान लेना जरूरी है कि आखिर उन्होने ऐसी कौन सी ग​लतियां की कि उन्हें ब्लॉगिंग छोड़नी पड़ी ताकि आप भी अनजाने में वो गलतियां न करें। सफल ब्लॉगर के ब्लॉग ढूंढें। उन्हे पढ़ें। सिर्फ ब्लॉग के बारे में न पढ़कर उनकी ब्लॉगिंग जर्नी भी पढ़ें कि कैसे वो आगे बढ़े उन्होने कौन सी समस्याओं का सामना किया। ये आपके लिये बहुत जरूरी है।

निरंतर सीखते रहिये, दूसरे ब्लॉग पढ़ते रहिये

हममें से ज्यादातर लोग पहले पाठक होते हैं दूसरों के ब्लॉग पढ़ते हैं लेकिन जब खुद का ब्लॉग बना लेते हैं तो फिर हम बहुत कम लोगों के ब्लॉग पढ़ते हैं। हम सिर्फ दूसरे ब्लॉग जब ही पढ़ते हैं जब हमें कोई आर्टिकल लिखना हो, और सिर्फ अपने आर्टिकल से जुड़े ही आर्टिकल पढ़ते हैं, और फटाफट कॉपी एडिट किया और ब्लॉग पर पोस्ट कर दिया। हकीकत ये होती है कि जो हम ब्लॉग पर पोस्ट किया उसके बारे में हमें भी ठीक से मालूम नही होता है। इस वजह से हम क्वालिटी कंटेंट नही दे पाते हैं जो कि हमारे पाठकों के साथ धोखा होता है। इसलिये जरूरी है कि आप निरंतर जानकारियां इकट्ठी करते रहें। दूसरे ब्लॉग पड़ते रहें। इससे आपका आत्मज्ञान तो बढ़ेगा ही साथ ही आपको ये भी पता चलता रहेगा कि आखिर दूसरे ब्लॉगर क्या कर रहे हैं और वो कैसे कुछ नये एक्सपीरिएंस करके आगे बढ रहे हैं। ब्लॉगर बनिये अच्छी बात है लेकिन इसके साथ साथ पाठक भी बने रहिये।