इंदिरा गांधी आवास योजना | प्रधानमंत्री आवास योजना

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इंदिरा गांधी आवास योजना:- भारत क्षेत्रफल की दृष्टि से दुनिया में सातवें स्थान पर है तथा जनसंख्या की दृष्टि से दूसरे स्थान पर है भारत में लगभग 130 करोड़ लोग निवास करते हैं। यहां की ज्यादातर आबादी गांव में रहती है तथा उनका मुख्य व्यवसाय कृषि है भारत में कई धर्म तथा समुदाय के लोग रहते हैं। जो बहुत रूढ़िवादी भी है इसीलिए भारत अन्य देशों के मुकाबले काफी पीछे हैं यदि हमारे देश में कोई योजना लागू होती है तो उसका लाभ वास्तविक लाभार्थी तक नहीं पहुंच पाता है, क्योंकि हमारे यहां की तकनीक तथा प्रसारण की सुविधाएं बहुत ही कम है। हमारे देश का क्षेत्रफल तो सीमित है परंतु जनसंख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। (ये भी जरूर पढ़ें:— प्रधानमंत्री कर्म योगी मानधन योजना 2020 क्या है)

इस नजरिए से देखें तो हमारे यहां आने वाले कुछ सालों में आवाज संबंधी स्थानों की कमी पड़ेगी इसका सीधा असर जंगलों पर पड़ेगा क्योंकि जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ेगी। वैसे-वैसे हमें रहने के लिए स्थान की आवश्यकता होगी और हम वनों की कटाई करेंगे। जिस वजह से हमारे देश का वातावरण दूषित होने लगेगा क्योंकि वातावरण साफ रखने का कार्य वनों के माध्यम से ही होता है। इस वजह से सूखा बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र तथा अन्य प्राकृतिक आपदाएं उत्पन्न हो जाएगी। ऐसी ही एक समस्या केंद्र सरकार के सामने आई तो उन्होंने अपने देश के गरीब तथा गरीबी रेखा से नीचे आने वाले श्रेणी के लोगों के लिए एक महत्वकांक्षी योजना का शुभारंभ किया है, जिसका नाम इंदिरा गांधी आवास योजना है।

आज हम इस लेख के माध्यम से आपको इंदिरा गांधी आवास योजना के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करेंगे तथा इस योजना का लाभ लेने के लिए किस तरह से ऑनलाइन आवेदन करें यह भी बताएंगे।

इंदिरा गांधी आवास योजना क्या है?

यह योजना केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी इस योजना का संचालन ग्रामीण विभाग मंत्रालय द्वारा किया जाता है इसमें उन सभी पिछड़े वर्गों को लाभ दिया जाता है। जो आर्थिक रूप से कमजोर और रहने के लिए जिनके पास पक्का मकान नहीं है उन्हें पक्का मकान दिया जाता है। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है। जिसमें लोग आवेदन करके लिस्ट के माध्यम से अपना नाम देख सकते हैं और इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे आने वाले उन सभी ग्रामीण परिवारों को लाभ मिलेगा जो आर्थिक रूप से कमजोर है।

इंदिरा गांधी आवास योजना का नाम कब बदला गया?

इंदिरा गांधी आवास योजना की शुरुआत 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा की गई थी। उन्होंने इसके अंतर्गत बंधुआ मजदूर अनुसूचित जाति तथा जनजाति के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया था। बाद में इसका नाम सितंबर 2016 में बदल दिया गया, अब इसे प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम से जाना जाता है। पहले इसकी राशि 55 हजार से 80 हजार रुपए थी परंतु अब यह राशि बढ़कर 120000 हो गई है।

इंदिरा गांधी आवास योजना का उद्देश्य

इस योजना की शुरुआत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़े वर्गों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है। जिनके पास अपनी आवश्यक वस्तु की पूर्ति के लिए पर्याप्त पैसा नहीं होता है। इस योजना का उद्देश्य यह है कि गरीब परिवारों को आवास हेतु आर्थिक लाभ पहुंचाना इसके अंतर्गत मैदानी क्षेत्र में घर बनाने के लिए केंद्र सरकार ₹120000 की आर्थिक सहायता प्रदान करेंगे तथा पहाड़ी क्षेत्र में घर बनाने के लिए उन्हें ₹130000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी तथा इसका यह भी उद्देश्य है कि sc-st के लोगों को पक्का मकान उपलब्ध करवाना ताकि वह उस घर में रहकर आने वाली पीढ़ी को एक अच्छा जीवन दे सकें।

आवास योजना की लाभ तथा विशेषताएं

● इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय तकनीकी सहायता एजेंसी की भी स्थापना की जाएगी जिन लोगों को मकान निर्माण में किसी प्रकार की तकनीकी सहायता की आवश्यकता होगी वह इस एजेंसी के माध्यम से वहां सहायता प्राप्त कर सकती है।
● इसके अंतर्गत जिन लोगों के पास पक्का मकान नहीं है उन्हें पक्का मकान दिया जाएगा।
● इसमें मैदानी तथा पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को अलग-अलग आर्थिक सहायता प्रदान की जाएंगी।
● इसके अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक आदि वर्ग को घर बनाने के लिए तीन किस्तों में सरकारी धनराशि उपलब्ध करवाएंगे।
● इसकी सबसे अच्छी विशेषता यह है कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण वहां मनरेगा के साथ तालमेल करके इसमें शौचालय की भी सुविधा उपलब्ध करवाई जाएंगी। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा ₹12000 की अतिरिक्त राशि प्रदान करेंगे जिसका उपयोग शौचालय बनाने में किया जाएगा।

आवास योजना हेतु पात्रता

● आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
● आवेदक के पास बीपीएल का कार्ड होना चाहिए।
● यदि कोई आवेदक 5 वर्ष से पहले भारत में रह रहा है तो उसके पास मूल निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
● अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक आदि ग्रामीण परिवार के होना चाहिए।
इंदिरा गांधी आवास योजना हेतु आवश्यक दस्तावेज
● आधार कार्ड नंबर
● पैन कार्ड नंबर
● बीपीएल कार्ड
● मोबाइल नंबर
● आय प्रमाण पत्र
● जॉब कार्ड
● पासपोर्ट साइज का फोटो

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

● सबसे पहले लाभार्थी को प्रधानमंत्री आवास योजना की ऑफिशियल वेबसाइट https://pmayg.nic.in/netiay/home.aspx में जाना होगा।
● इसमें आपके सामने एक होम पेज खुल जाएगा।
● इस होम पेज में एक एप्लीकेशन फॉर्म दिखाई देगा उस फॉर्म पर आप क्लिक करें।
● इसमें आप से आधार कार्ड नंबर भरने को कहा जाएगा, आप उसे भर दे।
● इसके बाद एक आवेदन पत्र पर पुनः निर्देशित किया जाएगा आप सभी जानकारी ध्यान पूर्वक भर दे, जैसे आवेदक का नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि।
● सारी जानकारी भरने के बाद सबमिट के बटन पर क्लिक कर दें।
● इस तरह से आप इंदिरा गांधी आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आशा करता हूं मेरे द्वारा दी गई जानकारी से आप सब दोस्तों होंगे। इस लेख का उद्देश्य इंदिरा गांधी आवास योजना के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान करना है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ प्राप्त कर सके और अपने लिए पक्का मकान बना सके।

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