एफिलियेट मार्केटिंग कैसे शुरू करें

14

अगर आप Affiliate Marketing से पैसा कमाना चाहते हो ते ये बेहद आसान हैं। Affiliate Marketing एक ऐसा तरीका है जिससे आप घर बैठै हजारों नही बल्कि लाखों रूपये कमा सकते हो। बस इसके लिये आपको सही तरीका आना चाहिये। अगर आप Affiliate Marketing से परिचित नही हों तो आप यहॉ क्लिक करके जान सकते हो कि Affiliate Marketing क्या है। Affiliate Marketing नये जमाने का मार्केटिंग है जहॉ बिना कोई बडा इनवेस्ट किये और बिना किसी की नौकरी किये पैसे बना सकते हो।

Affiliate Marketing क्या है

इण्टरनेट के दौर मे बिजनिस करने का तरीका बदला है। अब बिजनिस के लिये दुकान खोलने की जरूरत नही होती है। सिर्फ बेबसाइट की बनाकर आप अपने प्रोडक्ट मार्केट मे बेच सकते हो। जिसके उदाहरण ई—कॉमर्स कम्पनियॉ अमेजन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील हैं। अब जमाने के साथ प्रोडक्ट या सर्विस बेचने का चलन भी बदला है। लेकिन किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस को बेचने के लिये एक मार्केटर का योगदान महत्वपूर्ण होता है। आपने देखा होगा कि कोई भी प्रोडक्ट तब ज्यादा बिकता है जब उसकी मार्केटिंग ज्यादा हो। यहीं से Affiliate Marketing की शुरूआत होती है। एफिलियेट मार्केटिंग मे एक मार्केट डिजीटल रूप मे लोगों के सामने प्रोडक्ट के बारे मे बताता है लोग उस प्रोडक्ट को खरीद लेते हैं और मार्केटर की कमीशन पक्की हो जाती है। उदाहरण के लिये कुछ ऐसे समझते हैं

मान लीजिये कोई व्यक्ति आपको इण्टरनेट पर कोई Redmi Note 5 मोबाइल के बारे मे बताता है और साथ ही वो आपको ये भी बताता है कि आप इस फोन को अमेजन से खरीद सकते हो।आपको वो मोबाइल अच्छा लगा और आपने उसे अमेजन पर जाकर खरीद लिया। इससे अमेजन की सेल बढी और अमेजन उस व्यक्ति को भी उससे कुछ कमीशन देगा जिसकी वजह से अमेजन की सेल बढी। बस यही Affiliate Marketing हैं। एफिलियेट मार्केटिंग क्या है इसके बारे में अधिक जानकारी के लिये आप यहॉ क्लिक करके पढ सकते हो।

एफिलियेट मार्केटिंग कैसे शुरू करें

Affiliate Marketing शुरू करने से पहले आपको एक Digital Platform चुनना होगा जहॉ से आप ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच में अपनी बात रख सको। इसके​ लिये आप खुद का ब्लॉग बेबसाइट बना सकते हो या फिर वीडियो शेयरिंग साइट जैसे यूट्यूब, सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, टिवटर आदि का सहारा ले सकते हो। एफिलियेट मार्केटिंग के लिये बस एक ऐसा प्लेटफॉर्म होना जरूरी है जहॉ पर आपके पास ट्रैफिक ज्यादा हो। आइये उन प्लेटफॉर्म के बारे में जानते हैं।

ब्लॉग/बेबसाइट

खुद का बेबसाइट ब्लॉग बनाना बेहद आसान हैं। अब ये पहले की तरह कठिन नही रह गया। थोडी सी तकनीकि जानकारी के साथ खुद का ब्लॉग या बेबसाइट बना सकते हो। फिर उस पर आप प्रोडक्ट्स के बारे मे बता सकते हो और अपने ब्लॉग या बेबसाइट पर ही उस प्रोडक्ट को खरीदने का लिंक दे सकते हो।

फेसबुक

लगभग 80 प्रतिशत भारतीय इण्टरनेट यूजर फेसबुक चलाते हैं जो कि एक बडा आडियंस नेटवर्क है। एफिलियेट मार्केटिंग के लिये एक फेसबुक पर पेज बनाना होगा जो कि एकदम फ्री है फिर आप उस पेज पर किसी भी प्रोडक्ट की मार्केटिंग कर सकते हो जिससे आपको प्रत्येक सेल पर पैसा मिलेगा।

यूट्यूब

यूट्यूब से भी आप परिचित होगे, अगर आपके पास एक ऐसा यूट्यूब चैनल है जहॉ पर आपके पास एक अच्छा आडियंस नेटवर्क हो तो यूट्यूब वीडियोज मे भी किसी प्रोडक्ट के बारे में बता सकते हो। उस वीडियो को देखकर जितने लोग उस प्रोडक्ट को खरीदेंगे आपको इनकम होगी।

कोई भी डिजीटल प्लेटफॉर्म बनाने के ​बाद आपको आवश्यकता होती है कि अब आप किसी प्रोडक्ट की एफिलियेट मार्केटिंग करे। जिसके लिये आप किसी भी ऐसे ई—कॉमर्स वेबसाइट या अन्य प्रकार की सर्विस बेचने वाली वेबसाइट पर जाकर खुद को एफिलियेट मार्केटर के तौर पर रजिस्टर कर सकते हो। लगभग सभी आनलाइन वेबसाइट आपको ये सुविधा उपलब्ध कराते हैं। वहीं अगर आप अलग अलग वेबसाइट पर जाकर एफिलियेट के लिये रजिस्टर नही करना चाहते हो तो किसी भी ऐसे एफिलियेट मार्केटिंग नेटवर्क साइट जैसे V Commission या CueLink आदि पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं। इन वेबसाइट्स पर आपको सभी प्रकार के एफिलियेट करने का मौका मिलेगा। एक ही साइन अप पर आप हजारो कम्पनियों के Affiliate Program का हिस्सा बन सकते हो।

Affiliate Marketing मे कितना पैसा मिलता है।

एफिलियेट मार्केटिंग मे आपको कई प्रकार से पैसा मिलता है जैसे CPS, CPL, CPA, CPI आदि। आइये जानते हैं कि आपको किसी प्रकार और कितना पैसा मिलता है।

CPS क्या होता है

ज्यादातर ई—कॉमर्स कम्पनियॉ आपको CPS के हिसाब से पैसा देती है। CPS का मतलब होता है Cost Per Sale। यानी आप के द्वारा जितनी भी Sale की जाऐगी आपको उतना ही पैसा मिलेगा। CPS मे पैसा प्रोडक्ट के हिसाब से अलग अलग होता है जो कि 0.6 प्रतिशत से शुरू होकर 40—50 प्रतिशत तक होता है। कुछ प्रोडक्ट में ये कमीशन 70 प्रतिशत तक होता है। सबसे ज्यादा कमीशन फैशन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स मे होता है।

CPL क्या होता है

CPL का मलतब होता है Cost Per Lead। फाइनेंस कम्पनियॉ आपको इस तरह का आफर देती हैं। इस प्रकार के आफर में प्रोडक्ट की बिक्री से आपको कोई मतलब नही होता। जैसे भी कोई व्यक्ति किसी प्रोडक्ट मे दिलचस्पी दिखाता है और उसके लिये आवेदन करता है तो आपको आपका कमीशन मिल जाता है। जैसे आपने अगर किसी को ICICI Bank के क्रेडिट कार्ड के बारे में जानकारी दी है और वो उसके लिये तैयार होता है और बैंक मे उसके लिये आवेदन करता है तो आपको आपका कमीशन मिल जाऐगा। चाहें फिर वो क्रेडिट कार्ड ले या फिर न ले। CPL में आपको 500 रूपये तक का कमीशन मिल सकता है। कभी कभी ये कमीशन 1000 रूपये तक भी हो सकता है।

CPA क्या होता है

CPA का मलतब होता है Cost Per Action। इस प्रकार के एफिलियेट मे भी आपको Sale नही करवानी होती है। इस तरह प्रोडक्ट में आपको एक्शन के हिसाब से पैसा मिलता है। ​जैसे आपको कोई सर्वे कराना हैं, या फिर किसी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना है आदि के हिसाब से आपको पैसा मिलता है। CPA में आपको 50 रूपये तक का कमीशन मिल सकता है। कभी कभी ये कमीशन 100-150 रूपये तक भी हो सकता है।

CPI क्या होता है

CPI का मतलब होता है Cost Per Install। ये Android Affiliate Marketing का हिस्सा है। रोज नये नये Android App मार्केट में लॉच होते रहते हैं जो कि अपने मार्केटिंग पर पैसा खर्च करते हैं। ऐसे एप्प आपको प्रति इंस्टाल के हिसाब से पैसा देते हैं। आपको सिर्फ लोगों को वो एप्प Install कराना होता है और आपको पैसा मिल जाता है। CPI में आपको 10 रूपये से लेकर 25 रूपये तक कमीशन मिलता है।