भोजन एवं स्वास्थ्य सम्बंधी जरूरी बातें

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भोजन हमारे लिये आवश्यक है। हम जो भी भोजन करते हैं उससे हमे ऊर्जा मिलती है। हम जो भी भोजन या नाश्ता ग्रहण करते हैं उसे छह वर्गों में विभाजित किया जा सकता है— कार्बोज (कार्बोहाइड्रेट), प्रोटीन, वसा, विटामिन एवं खनिज पदार्थ और जल

भोजन पकाना, परोसना

भोज्य पदार्थ पकाकर व ​कच्चे दोनों प्रकार से खाये जाते हैं। कच्चे भोज्य पदार्थों से रेशा (रेफज) मिलता है, वहीं चना, मूंग आदि अंकुरित होने पर और अधिक पोष्टिक हो जाते हैं। भोजन पकाने के कई तरीके हैं जैसे उबालना तलना, भूनना आदि। भोजन पकाने स्वादिष्ट, सुपाच्य हो जाता है तथा उपस्थित रोगाणु भी मर जाते हैं।

भोजन को पकाते समय क्या—क्या सावधानी बरतनी चाहिये

1. भोजन को जरूरत से ज्यादा नही पकाना चाहिये। जरूरत से ज्यादा भोजन को पकाने से उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
2. जिस पानी में सब्जियां, दाल, चावल पकाऐं उसे निकालकर फेंकना नही चाहिये, क्योंकि उस पानी में विटामिन और पोषक तत्व घुले रहते हैं।
3. हरी सब्जियों को काटने से पहले अच्छी तरह धोनी चाहिये।
4. भोजन हमेशा ढक कर पकाना चाहिये।

भोजन परोसते समय ध्यान रखे जाने वाली सावधानियां

1. भोजन परोसते समय साफ—सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिये। हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिये। इससे बीमारी व संक्रमण फैलने की संभावना कम हो जाती है।
2. बासी, दूषित, सडा भोजन नही परोसना चाहिये।
3. भोजन को आवश्यकता से अधिक नही परोसना चाहिये।
4. भोजन पकाते समय, संग्रह करते समय और परोसते समय भोजन को मक्खियों से बचाना चाहिये। मक्खियां सड़े गले, दूषित भोजन, मल आदि पर बैठने के बाद जब भोजन पर बैठती हैं तो उस पर रोगाणु छोड देती हैं।

भोजन का संग्रह और संरक्षण

भोज्य पदार्थों को संग्रह और संरक्षण का भी ख्याल रखना चाहिये, सही तरह से संरक्षण न होने के कारण भोजन खराब हो जाता है, उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। गर्मियों में भोजन खराब होने लगता है जबकि सर्दियों में जल्दी खराब नही होता है। क्योकि कम तापमान में जीवाणु जल्दी नही पनपते हैं।

फलों, सब्जियों, दूध, मनीर, मछली, अण्डे और मांस आदि को फ्रिज में रखकर काफी समय तक खराब होने से बचाया जा सकता है। फलों और सब्जियों को जैम, जैली, मुरब्बा, अचार आदि बनाकर भी अधिक दिनों तक प्रयोग किया जा सकता है।

अच्छे स्वास्थ्यय के लिये कुछ आवश्यक बातों का ध्यान रखें

  • हमें भोजन में ऊर्जा देने वाले, शरीर की वृध्दि करने वालें तथा रोगों से बचाव करने वाले सभी पदार्थों का सेवन करना चाहिये।
  • आवश्यकता से अधिक भोजन नही करना चाहिये, भोजन हमेंशा अपनी उम्र और काम के अनुसार ही करना चाहिये।
  • भोजन निश्चित समय पर ही करना चाहिये।
  • खाना खाने से पूर्व हाथों को अच्छी तरह से साबुन से धोना चाहिये।
  • खाना खाने के बाद अच्छे से कुल्ला करना चाहिये और ब्रुश करना चाहिये।
  • बाजार की खुली हुई चीजें और कटे हुये फल नही खाने चाहिये।
  • सब्जियों और फलों को खाने से पूर्व अच्छी तरह से धो लेना चाहिये।
  • भोजन को अच्छे से चबाकर खाना चाहिये।
  • भोजन को जरूरत से ज्यादा नही पकाना चाहिये, इससे भोजन के पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
  • बाजार का तैयार डिब्बाबंद खाना, चिप्स, शीतल पेय पदार्थ, नूडल्स आदि का अधिक सेवन नही करना चाहिये। इनका अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिये हानिकारक होता है।
  • ज्यादातर फलों को कच्चा ही खाना चाहिये।
  • अधिक मीठे और तले हुये पदार्थों का सेवन नही करना चाहिये।
  • दूध अवश्य पीना चाहिये। दूध एक सम्पूर्ण आहार होता है। दूध में लगभग सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं।

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