इन कारणों से हो सकती है असमय मृत्यु, कौन से कारण हैं जानियेः- चाणक्य नीति

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दुष्टा भार्या शठं मित्रं भृत्यश्चोत्तरकदायकः।
ससर्पे गृहे वासो मृत्युरेव न संशयः।।

अर्थात दुष्ट पत्नी, शठ मित्र, उत्तर देने वाला सेवक तथा सांप वाले घर में रहना, ये मृत्यु के कारण हैं। इन कारणों से बचना चाहिये। चाणक्य के अनुसार घर में रहने वाले सांप को मार देना चाहिये नही तो वह हमेशा व्यक्ति के जीवन पर खतरा बन कर मंडराता रहेगा। वहीं दुष्ट पत्नी भी मृत्यु का कारण होती है। अगर पत्नी सदाचारी नहीं है तो व्यक्ति आत्महत्या करने पर मजबूर होता है।

चाणक्य कहते हैं कि अगर धूर्त और धोखेबाज मित्र आपके पास बैठता है तो ये आपके लिये निसंदेह उचित नही हैं। वह विपत्ति काल में आपको पीठ दिखा सकता है। वहीं मुंह लगा नौकर जो आपको जबब देता है ऐसे नौकर से सावधानी बरतनी चाहिये। नौकर आपके घर के सारे भेद जानता है।

अतः पत्नी को आज्ञाकारिणी व पतिव्रता होना, मित्र का समझदार व विश्वसनीय होना और नौकर का स्वामी के प्रति श्रध्दावान होना चाहिये। इसके विपरीत होने पर कष्ट ही कष्ट हैं। इनसे व्यक्ति को बचना चाहिये, वरना ऐसा व्यक्ति कभी भी मृत्यु का ग्रास हो सकता है।

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