जीवन परिचय — बॉलीबुड गायक मौहम्मद अजीज

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बडा ही फेमस डॉयलॉग है मर्द के कभी दर्द नही होता। आज भी बच्चों से लेकर बूढे तक किसी खास बात पर आपको ये डायलॉग बोलते हुये मिल जाऐंगे। ये डॉयलॉग अमिताभ बच्चन की फिल्म मर्द का है। इसी फिल्म का एक गाना भी और था जो अपने समय मे काफी मशहूर हुआ था। वो गाना था मर्द फिल्म का टाइटल सॉग ‘मैं हूॅ मर्द टॉगे वाला’ ये गाना तो मशहूर हुआ ही इस गाने के साथ साथ ही एक गायक भी रातों रात मशहूर हो गया ​जिसका नाम था मौहम्मद अजीज। मौहम्मद अजीज का ये गाना बॉलीबुड में उनका पहला गाना था। उसके बाद उन्होने बॉलीबुड में कई गाने गाये। उनकी गायकी के लिये उन्हे हमेशा याद किया जाऐगा।

मोहम्मद अजीज का जीवन परिचय (बायोग्राफी)

Mohammad Aziz (Born 2 July 1954-Died 27 November 2018)
2 जुलाई 1954 को पश्चिमी बंगाल के अशोक नगर, कल्याणगढ मे जन्मे मौहम्मद अजीज का असली नाम सैयद मौहम्मद अजीज—उन—नबी था। बचपन मे उन्हे मुन्ना के नाम से पुकारा जाता था। मौहम्मद अजीज को बचपन से ही गाने का शौक था और वे उस वक्त के मशहूर गायक मौहम्मद रफी के जबरा फैन थे।

मौहम्मद अजीज के करियर की शुरूआत अमिताभ बच्चन की फिल्म के गाने से हुई

मौहम्मद अजीज ने अपने करियर ​की शुरूआत एक कोलकाता के एक रेस्टोरेंट गालिब मे गायक के तौर पर की। मौहम्मद अजीज ने एक बंगाली फिल्म ज्योति से फिल्मों अपने डेब्यू किया। सन 1984 मे वे मुम्बई चले आये और उनकी पहली फिल्म अमर अकबर एंथनी थी। मौहम्मद अजीज को बॉलीबुड में गाने का मौका अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म मर्द से मिला। जिसमे मौहम्मद अजीज ने टाइटल ट्रैक ‘मैं हू मर्द तांगे वाला’ को अपनी आवाज दी। ​इस गाने को म्यूजिक अनू मलिक ने दिया था। अमिताभ के फिल्म तो हिट हुई साथ ही साथ मौहम्मद अजीज के सुनहरे करियर की शुरूआत हो गई उसके बाद मौहम्मद अजीज ने कभी पीछे मुड कर नही देखा उन्होने बॉलीबुड मे एक से बढकर एक हिट गाने गाये।

सभी बडे म्यूजिक डायरेक्टर्स के साथ किया था काम

मौहम्मद अजीज ने उस समय के प्रमुख म्यूजिक डायरेक्टर कल्याण—आनन्द, लक्ष्मीकान्त—प्यारेलाल, राहुल देव बर्मन नौशाद, ओ.पी नैयर साहब, बप्पी लहरी राजेश रोशन, रामालक्ष्मण, रविन्द्र जैन, ऊषा खन्ना, नदीम—शरवन, जतिन ललित, अनू मलिक, दामोदर राव, आनन्द राव आनन्द और आदेश श्रीवास्तव के साथ काम किया और बॉलीबुड में गायकी मे एक बडा स्थान हासिल किया। अजीज ने उडिया फिल्मों मे गाने दिये उसके अलावा मौहम्मद अजीज ने कुछ अलबम भी की। मौहम्मद अजीज की लोकप्रियता रातोंरात बढती गई और वे भारत समेत विदेशों मे भी स्टेज शो करने लगे।

सॉतवे सुर मे गाने वाले चुनिन्दा गायकों मे से मौहम्मद अजीज

मौहम्मद अजीज अपने समय के कुछ चुनिन्दा गायकों मे से थे जो सॉतवें सुर मे गा सकते थे। मौहम्मद अजीज को दो बार बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर के रूप मे नॉमिनेट किया गया। मौहम्मद अजीज को मौहम्मद रफी का उत्तराधिकारी माना जाने लगा। ये कहा जाने लगा कि वे मौहम्मद रफी की जगह ले लेंगे। मौहम्मद अजीज ने अलग अलग भाषाओं मे करीब 20 हजार से ज्यादा गाने गाये।

मौहम्मद अजीज ने ‘लाल दुपट्टा मलमल का’, ‘मै से मीना से न साकी से’, जैसे सैकडों हिट गाने गाये। अजीज ने मर्द के अलावा बंजारन, आदमी खिलौना है, लव 86, पापी देवता, जुल्म को जला दूंगा, पत्थर के इंसान, बीवी हो तो ऐसी, बरसात की रात जैसी फिल्मों में गाने गाए। ऐसा माना जाता था कि मौहम्मद अजीज मौहम्मद रफी की आवाज मे गाने गाते थे। उनके गाने ये पता कर पाना मुश्किल था कि इन गानों को किसने गाया है। मौहम्म्द अजीज मौहम्मद रफी के जबरा फैन थे मौहम्मद रफी की मृत्यु के बाद उन्होने श्रध्दाजंली के लिये एक गाना गाया जो कि बहुत प्रसिध्द हुआ इस गाने के बोल थे ‘न फनकार तुझसा, तेरे बाद आया। मौहम्मद रफी तू बहुत याद आया।’

लक्ष्मीकान्त प्यारे लाल के बाद मौहम्मद अजीज का करियर ढलान पर आ गया। ये वो दूर था जब उदित नारायण और कुमार सानू जैसे गायक बॉलीबुड मे अपना मुकाम बना रहे थे। मौहम्मद अजीज को गायकी के क्षेत्र मे हमेशा याद किया जाऐगा।

मौहम्मद अजीज का निधन 64 साल की उम्र मे 27 नबम्बर 2018 को हो गया था। वे कलकत्ता से मुम्बई लौट रहे थे जहॉ ऐयरपोर्ट पर ही उनकी तबियत खराब हो गयी। मौहम्मद अजीज को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहॉ डॉक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया। बॉलीबुड मे हमेशा मौहम्मद अजीज की जगह अच्छे गायकों मे रही थी।