नेटवर्किंग मे असफल होने के 15 कारण

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मल्टीलेवल मार्केट (Multi Level Marketing) को लोग ज्वाइन तो बडी जल्दी करते है लेकिन ज्यादातर लोग मल्टीलेवल मार्केट में असफल ही हो जाते है। मल्टीलेवल मार्केट मे सफल होने वाले लोगो का ग्राफ काफी कम है। इस बिजनेस मे असफल होने वाले लोग नेटवर्किंग (Networking) को ही दोष देते है वे कभी ये स्वीकार नही करते कि इसमे असफल होने की जिम्मेदारी उनकी खुद की है। आइये जानते है वो 15 कारण जिनकी वजह से लोग एमएलएम (MLM) मे असफल हो जाते हैं। 15 Reasons for networking failure

नेटवर्किंग को सीरियसली नही लेते

इसमे कोई दो राय नही है कि लोग एमएलएम ज्वाइन तो करते है लेकिन शुरूआत मे इसे कभी भी वे बिजनेस मान कर नही चलते। वे सोचते है कि ये एक पार्टटाइम बिजनेस है जिसे समय मिलेगा तो कर लेेंगे। यही उनके जीवन की सबसे बडी भूल होती है। नेटवर्किंग की शुरूआत भले ही पार्टटाइम के रूप मे की जाऐ लेकिन अगर इसमे सफल होना है तो नेटवर्किंग को भरूपूर समय देना ही होगा। वही इस बिजनेस को सीरियस लेना होगा।

नेटवर्कर जब चाहते है तब काम करते है और जब चाहते हे तब काम छोड कर घर बैठ जाते है। दो-चार जगह अपना प्लान दिखाते है और लोग उन्हे मना कर देते है तो थक हार कर बैठ जाते है। लेकिन ये बिजनेस का सही तरीका नही है। आपने देखा होगा किसी भी कपडे की दुकान पर बहुत से ग्राहक आते है और सेल्समैन उन सबको कपडे दिखाता है लेकिन सब ग्राहक कपडे नही खरीदते। सिर्फ कुछ ग्राहक ही कपडे खरीदते है। बाकी के ग्राहको को कपडे दिखाने मे सेल्समैन का समय ही बरबाद होता है। लेकिन वो फिर भी आने वाले सभी ग्राहको को कपडे दिखाता है। क्योंकि वो भी ये बात जानता है कि अगर वो कपडा दिखायेगा नही तो लोग खरीदेंगे नही। नेटवर्किंग मे भी ऐसा ही है दो-चार लोगो ने अगर आपके प्लान को करने से मना कर दिया है तो इसका मतलब ये नही है कि कोई भी आपका प्लान नही करेगा। आप नये नये लोगो को अपना प्लान दिखाते रहिये। जिनको आपका प्लान पसन्द आयेगा वो आपको प्लान को हर कीमत पर ज्वाइन करेंगे।

इस बिजनेस को गम्भीरता से लेने की जरूरत है। जब तक आप इसे गम्भीरता से नही लेंगे आपको सफलता नही मिलेगी।

खुद की जिम्मेदारी से बचते है

एमएलएम ज्वाइन करने वाले ज्यादतर व्यक्ति खुद की जिम्मेदारी से बचते है वो ऐसा सोचते है कि उनके जुडने के बाद उनका अपलाइन ही सारा काम करेगा। सारी जिम्मेदारी उनके अपलाइन की है। इसके बाद जब थोडी सी मेहनत करके उसके नीचे कुछ डाउनलाइन बन जाती है तो वो सोचता है कि अब सारी जिम्मेदारी डाउनलाइन की है। ऐसा करके वो खुद की जिम्मेदारी से बचता है। लेकिन उसे समझना चाहिये कि नेटवर्किंग मे प्रत्येक व्यक्ति की बराबर जिम्मेदारी है। जो अपनी जिम्मेदारी जितने मन से निभाता है वो उतना ही सफल होता है। लेकिन जो लोग अपनी जिम्मेदारी नही निभाते वो दूसरो पर ही दोष देते नजर आते है। अक्सर ऐसे लोग कहते है कि उन्हे उनके अपलाइन ने सपोर्ट नही किया या फिर कहते है कि उनकी डाउनलाइन एक्टिव नही थी।

नेटवर्किंग मे सफल होने के लिये आपको भी अपनी जिम्मेदारी निभानी पडेगी। आपको एक अपलाइन और एक डाउनलाइन की भी जिम्मेदारी निभानी पडेगी। क्योंकि अगर प्रत्येक अपलाइन ये सोच ले कि अब उसकी डाउनलाइन की कमाई वो खाऐगा तो यकीन मानिये बिजनेस चैपट हो जाऐगा क्योंकि वो भूल जाता है कि उसका डाउनलाइन भी किसी का अपनलाइन है और यहाॅ तभी पैसा आयेगा जब सब जिम्मेदारी से अपना काम करेंगे।

नेटवर्कर के खुद के सपने नही होते है

नेटवर्किंग मार्केट मे आने से पहले लोगो के अन्दर खुद के सपने नही होते है। जब कोई उन्हे प्लान दिखाता है और बताता है कि कैसे नेटवर्किंग के जरिये वे अपने घर, गाडी और विदेश यात्रा के सपने को पूरा कर सकते है तो थोडी देर के लिये तो व्यक्ति उनसे प्रभावित हो जाता है और नेटवर्क ज्वाइन कर लेता है लेकिन बाद मे वो उन सपनो के प्रति गम्भीर नही होता है क्योंकि वो उसके खुद के सपने नही थे। इसलिये नेटवर्किंग मे वही व्यक्ति सफल होता है जो खुद के सपने देखता है। अगर आपके पास खुद का कोई बडा सपना नही है तो नेटवर्क मार्केटिंग आपके लिये बिजनेस का विकल्प नही हैं।

खुद को नेटवर्कर बताने मे शर्म महसूस करते है

नये नेटवर्कर खुद को लोगो के सामने शर्मिन्दा महसूस करते है। वे ये बताना नही चाहते कि वे नेटवर्किंग करते है। जिसके लिये काफी हद तक कई फर्जी कम्पनियो द्वारा लोगों को चूना लगाना भी है। वही भारतीय समाज को नेटवर्किंग को अभी अन्य परम्परागत बिजनेस के बराबर जगह नही मिली है। यहाॅ लोग नेटवर्क मार्केटिंग को इसकी टोपी उसके सिर वाला बिजनेस समझते है।

नेटवर्क मार्केट मे सफल होने के लिये सबसे पहले अपने अन्दर से ये शर्म निकालनी होगी। आप जब भी लोगो से मिले तो गर्मजोशी के साथ मिले और उन्हे अपना परिचय एक नेटवर्कर के रूप मे दे। जिससे लोगो के मन मे नेटवर्किंग के प्रति राय तो बदलेगी ही साथ ही आपको भी बिजनेस करने मे आसानी होगी। नेटवर्किंग कोई हीन भावना का बिजनेस है आज लोग नेटवर्किंग जरिये ही समाज मे इज्जत की जिन्दगी जी रहे हैं।

प्रोडक्ट के बारे में पूरी जानकारी नही होती

ज्यादातर नेटवर्किंग कम्पनियाॅ प्रोडक्ट बेस होती है। कम्पनी की पूरी इनकम प्रोडक्ट की सेल पर निर्भर करती है। वही जब भी कोई व्यक्ति नेटवर्क मार्केटिंग मे जुडता है तो उसका अपनलाइन उससे सीधे उसके दोस्तो, परिचितो और रिश्तेदारों को भी इस बिजनेस मे जोडने का प्रयास करता है। उससे सीधे अपने जानने वालों की लिस्ट माॅग ली जाती है। लेकिन असल मे अभी तक उसके कम्पनी को ठीक से समझा ही नही और न अभी उसे कम्पनी के प्रोडक्ट के बारे मे कोई जानकारी है। ऐसे मे जब वो अपने जानने वाले को नेटवर्किंग से जोडने का प्रयास करता है तो वो प्रोडक्ट की सही जानकारी उन्हे नही दे पाता है।

इसलिये नेटवर्किंग से जुडने के बाद प्रोडक्ट के बारे मे पूरी जानकारी कीजिये। उनका इस्तेमाल करिये और उनके अनुभव को लोगो से शेयर कीजिये। अगर आपको कोई प्रोडक्ट अच्छा लगा तभी आप उसके बारे मे अपने दोस्तो को आत्मविश्वास से बता पाऐगे। अगर आपने प्रोडक्ट इस्तेमाल ही नही किया तो दूसरो को कैसे बेच पाओगे।

सही ऐजुकेशन व ट्रैनिंग ने मिलना

नेटवर्किंग ज्वाइन करने के बाद लोग जल्दी ही नये लोगो को प्लान से जोडना चाहते है लेकिन उसके लिये उनके पास कोई ट्रैनिंग नही होती। वे बिना ट्रैनिंग के सिर्फ एक या दो लोगों को तो जोड देते है लेकिन आगे काम करने मे उन्हे काफी दिक्कत आती है। ऐसे मे व न तो खुद ट्रैन्ड हो पाते और न ही अपने डाउनलाइन को भी पर्याप्त ऐजुकेशन व सपोर्ट दे पाते है। इस प्रकार वे खुद का तो बिजनेस खराब करते है डाउनलाइन का भी बिजनेस ले डूबते है।

इसलिये नेटवर्क मार्केटिंग मे जुडने के बाद काम करने से पहले अच्छी प्रकार ऐजुकेशन व ट्रैनिंग लें जिससे आपके बिजनेस करने मे आपको कोई दिक्कत न हो और आप अपने साथ साथ अपने डाउनलाइन को भी सर्पोट कर सके।

जल्दी ही अमीर बनना चाहते है

नये नेटवर्कर एमएलएम को जादू की छडी समझ लेते है जिसे घुमाते ही वो अमीर हो जाऐगे। वो समझते है कि नेटवर्किंग बहुत आसान है। सिर्फ कुछ लोगो को जोड देना है फिर सारा काम वो करेगे और हमे बैठे बैठाये लाखों रूपये यूंही मिल जाएगे। लेकिन ऐसा कुछ भी नही होता है। नेटवर्क मार्केटिंग भी अन्य परम्परागत बिजनेस की तरह ही ऐसा बिजनेस है जो धीरे धीरे तैयार होगा और आप उसमे जितनी ज्यादा मेहनत करेगे आप उतना ही ज्यादा पैसा कमा पाऐगे। गलती उन लोगो की भी है जो बिजनेस प्लान देते वक्त इस को इतना आसान बना कर सामने रख देते है कि सामने वाला सोचता है कि दुनिया मे इससे आसान कोई वर्क ही नही है और वो जल्दबाजी मे इसे ज्वाइन कर लेते है। वे इस बिजनेस मे एक दम अमीर होने के सपने के साथ आते है और वक्त के साथ जैसे ही उनका ये सपना धराशायी होता है वे नेटवर्क मार्केटिंग को अलविदा कह देते हैं।

नेटवर्क मार्केटिंग कोई भी शाॅर्टकट नही है इससे कम लागत मे ज्यादा पैसा तो कमाया जा सकता है लेकिन रातों रात करोडपति बनना इस बिजनेस मे असम्भव ही है।

इस बिजनेस को प्राथमिकता नही देते है

कुछ नेटवर्कर जो कि किसी अन्य बिजनेस की प्लानिंग कर रहे होते या फिर किसी नौकरी की तलाश कर रहे होते है। उनका सपना कोई नौकरी करना या फिर खुद का बिजनेस करना होता है। वे इस बिजनेस को ये सोच कर करते है कि जब तक नौकरी नही मिल जाती या बिजनेस शुरू नही हो जाता तब तक चलो नेटवर्किंग ही कर ली जाऐ। जैसे कोई व्यक्ति किसी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है और कुछ समय के लिये वो नेटवर्किंग करता है तो नेटवर्किंग का हिस्सा तो बन जाता है लेकिन उसका पूरा समय इस उधेडबुन मे लग जाता है कि सरकारी नौकरी कैसे हासिल की जाऐ या फिर कोई व्यक्ति जो बिजनेस शुरू करना चाहता है तो अपना ज्यादातर समय उस बिजनेस की तैयारियो मे लगा देता है। ऐसे लोग नेटवर्किंग को कभी भी प्राथमिकता नही देते उनके मन मे कुछ और चल रहा होता है। ऐसे लोगो के लिये नेटवर्किंग मे सफलता के मायने यही होते है कि वो कुछ पैसे यहाॅ से कमा सके या फिर अपना इनवेस्ट निकाल सके। ये लोग नेटवर्किंग मे भी कभी सफल नही हो पाते। इसलिये नेटवर्किंग मे सफल होने के लिये हमेशा इसे प्राथमिकता देनी चाहिये।

प्रभावशाली तरीके से लोगो के सामने खुद को प्रस्तुत नही कर पाते

अंग्रेजी मे एक कहावत है “first impression is the last impression” नये नेटवर्कर जब किसी को अपना बिजनेस प्लान बताते है तो वे उन पर अपना प्रभाव नही छोड पाते। ज्यादातर लोगों पर उनका विजिटिंग कार्ड भी नही होता और तो और उनके पास कम्पनी का प्रमोशन मैटेरियल भी नही होता। इसके अलावा उनका वेशभूषा भी खास नही होता जिससे वे खुद को दूसरे के सामने प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत नही कर पाते। नेटवर्किंग मे खुद को दूसरे के सामने प्रस्तुत करने की कला भी आनी चाहिये। आपने देखा होगा ज्यादातर सफल नेटवर्कर की वेशभूषा-बात करने का तरीका लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

सिर्फ इनकम पर फोकस करते है

नेटवर्किंग सिर्फ इनकम करने का साधन ही नही है। बल्कि ये एक ऐसा बिजनेसा है जहाॅ आपका व्यक्तित्व का भी विकास होता है। आपको लोगों के बीच मे काम करने का मौका मिलता है। आपके परिचयर का दायरा बडता है। आपकी जान-पहचान बडती है सम्मान मिलता है। लेकिन कुछ लोग सिर्फ पैसा कमाने के चक्कर मे रहते है इसलिये वे इन चीजों पर गौर नही करते। अगर आपक कम पैसा कमा रहे है लेकिन आपके व्यक्तित्व का विकास हो चुका है तो आपको सफल नेटवर्कर माना जाऐगा। क्योंकि एक बार आपके व्यक्तित्व का विकास हो गया तो आप किसी भी बिजनेस मे सफल हो सकते हो। लेकिन कुछ लोग इसे सफलता का पैमाना नही मानते और कम इनकम होने पर बिजनेस को छोड देते हैं।

बिजनेस पर भरोसा नही करते

अगर आपको अपने बिजनेस पर ही भरोसा नही है तो आप कितने भी बडे इन्वेस्टमेंट के साथ बिजनेस शुरू कीजिये आप असफल ही होंगे। नये नेटवर्कर एमएलएम को ज्वाइन तो कर लेते है लेकिन मन ही मन उनको खुद भी भरोसा नही होता कि क्या नेटवर्किंग वाकई एक ऐसा बिजनेस है जिससे वे लाखों करोडों कमा सकते है। ऐसे मे दूसरों को भी इस बात का भरोसा नही दिला पाते और इस बिजनेस मे सफल हो जाते है। नेटवर्किंग मार्केटिंग शुध्द भरोसे का बिजनेस है जहाॅ आपका भरोसा सिस्टम से खत्म हुआ आपका खेल खत्म हुआ।

हमेशा नई-नई कम्पनियो की तलाश मे रहते है

नेटवर्किंग मार्केटिंग में यह भ्रम प्रचालित है कि आप किसी भी नई कम्पनी से जुड जाओ आपके सफल होने का चासंेस बढ जाते है। इसलिये नेटवर्कर हमेशा ऐसी कम्पनी की तलाश मे रहते है जो हाल ही मे शुरू हुई है और वे कम्पनी के शुरू होते ही जुड जाते है और पुरानी कम्पनी मे बनाई गई अपनी टीम को भी तोड कर नई कम्पनी मे ले आते है। ऐसे मे वे ये भूल जाते है कि पुरानी कम्पनी में आपके द्वारा की गई मेहनत बेकार चली गई है और नई कम्पनी में आप फिर से जीरो से शुरू कर रहे हो। इसके अलावा कुछ नेटवर्कर का मन तो इतना विचलित रहता है कि कोई भी नया प्लान मार्केट मे आ जाऐ उन्हे अपने पुराने प्लान से ज्यादा अच्छा लगता है और वे फट से जुड जाते है। वे रोज नये प्लान ज्वाइन करते है और एक दिन ऐसा आता है कि कोई भी उनके प्लान को ज्वाइन नही करता और न ही उनके साथ काम करने को तैयार होता है।

अपलाइन पर आखे बन्द करके भरोसा करते है

कुछ नेटवर्कर अपने अपलाइन पर आॅखे बन्द करके भरोसा करते रहते है। ऐसे में उनका अपलाइन उनके भरोसे का इस्तेमाल हमेशा अपने बिजनेस के लिये करता है। अपलाइन उन्हेे ऐसे प्रोडक्ट या प्लान करने पर जोर देते है जिनमे अपलाइन को ज्यादा पैसा मिलता हो। वहीं इससे नेटवर्कर का ज्यादा पैसा ब्लाॅक हो जाता है। जैसे कुछ अपलाइन बीच मे बीच में अपने डाउलनलाइन को इतना मोटिवेट कर देते है कि नीचे कोई ज्वाइनिंग न आने पर डाउनलाइन खुद की ज्वाइनिंग लगाना शुरू कर देता है जिससे उसकी टीम आंकडे मे तो बडती है लेकिन वास्तव मे टीम उतनी ही रहती है। वहीं इसका सीधा फायदा अपलाइन का होता है।

सही कम्पनी का चयन नही कर पाते है

मार्केट मे ऐसी कई एमएलएम कम्पनियाॅ है जो जरूरत से ज्यादा इनकम का झांसा देती है। ऐसी कम्पनियो की प्लान भी सस्ते होते है और इनकम भी जबरदस्त। अक्सर लोग ऐसी कम्पनियो के झाॅसे मे आ जाते है और जब ये कम्पनिया उनके साथ फा्रॅड करती है तो पैसा तो डूबता ही है साथ ही नेटवर्किंग से उनका भरोसा भी टूट जाता है ।

अफवाहों पर ध्यान देते है

आज कल अफवाहो को दौर है। जब से सोशल मीडिया का दौर आया है अफवाहे फैलती रहती है। ऐसे मे नेटवर्किंग बिजनेस के बारे मे भी तरह तरह की नकारात्मक अफवाहे फैलती रहती है। जिससे नेटवर्कर उस बिजनेस से डरने लगता है ओर जल्दी ही अपना पैसा निकाल कर बिजनेस छोडने का मन बना लेता है। लेकिन हकीकत यह है कि भारत मे अभी तक नेटवर्किंग पर कोई कानून नही बना है और जब तक कानून नही बन जाता नकारात्मक खबरे छपती रहेंगी और अफवाहे उडती रहेंगी।
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