नेटवर्क मार्केटिंग से जुडे 10 मिथ और सच्चाई

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मल्टीलेवल मार्केटिंग के बिजनेस को लेकर लोगो के अन्दर कई धारणाऐं बनी हुई हैं। जिनमे से कुछ गलत है और कुछ सही भी है। लेकिन ज्यादातर लोगों के अन्दर एमएलएम को लेकर काफी नकारात्मक धारणाऐं है। जिनके कारण इसे परम्परागत बिजनेस का दर्जा नही मिल पाया है। आइये जानते है कि नेटवर्क मार्केटिंग को लेकर लोगों की क्या धारणाऐं और ये कितनी सच्ची और कितनी झूठी हैं। नेटवर्क मार्केटिंग में असफल होने के 15 कारण

नेटवर्क मार्केटिंग के लिये ढेर सारी जान-पहचान होनी चाहिये

नेटवर्क मार्केटिंग के बारे मे अक्सर ये कहा जाता है कि इसमे ज्यादातर वही लोग सफल होते है जिनकी जान पहचान ज्यादा होती है जिससे वह ज्यादा लोगों को इससे जोड पाते हैं। लेकिन यह सत्य नही है। यह एक प्रकार का मिथ है। पहले के दौर मे इस मिथ को ज्यादा मान्यता प्राप्त थी। लेकिन सोशल मीडिया के दौर मे जहाॅ फेसबुक पर किसी के भी 5000 दोस्त होते है ऐसे मे यह कह देना कि नेटवर्क मार्केटिंग मे वही सफल होता है जिसकी जान-पहचान ज्यादा होती है सही नही है। इसके अलावा प्रत्येक व्यक्ति जब जन्म लेता है तब से लेकर उसके उसकी मृत्यु तक वह रोज नई-जान पहचान बनाता है जैसे दोस्त, रिश्तेदार, व्यापारी या अन्य प्रकार के लोग जिनसे वह रोज मिलता है। ऐसे मे प्रत्येक व्यक्ति की जान पहचान औसतन हजारो लोगो से होती ही है लेकिन फिर भी प्रत्येक व्यक्ति नेटवर्क मार्केटिंग मे सफल नही हो सकता है। नेटवर्क मार्केटिंग मे सफल होने का सीधा सा फण्डा है कि आप कितने ज्यादा लोगो के बीच अपना प्लान रख पाते है। इस बात का कोई मतलब नही है कि आप की जान पहचान कितने लोगो से हैं। अक्सर ये देखा जाता है कि कम जान-पहचान होने के बाद भी लोग बडे नेटवर्कर बन जाते है। ये सिर्फ आपके ऊपर निर्भर करता है कि आप कितने लोगों को प्लान दिखा पाते है, न कि इस बात पर कि आपकी जान पहचान कितनी है।

नेटवर्क मार्केटिंग के लिये अच्छी डिग्री होनी चाहिये

ये भी एक प्रकार का कोरा मिथ है। क्योंकि नेटवर्क मार्केटिंग का उच्च शिक्षा से कोई लेना देना नही है। नेटवर्क मार्केटिंग में सिर्फ व्यक्ति के व्यवहारिक गुण और मार्केटिंग स्किल्स ही काम आते है। दुनिया के किसी भी नेटवर्किंग बिजनेस मे जुडने के लिये कोई भी न्यूनतम डिग्री की आवश्यकता नही होती है। यकींन मानिये नेटवर्क मार्केटिंग में आपसे कोई नही पूछता कि आपकी ऐजुकेशन किया है। यहाॅ पर सिर्फ आपकी टीम और काम करने के तरीकों के बारे में पूछा जाता है। वैसे भी सफल होने के लिये सिर्फ कोरी शिक्षा काम नही आती है। सफल होने के लिये आपके अन्दर जज्बा व सही कौशल ज्यादा काम आता है।

नेटवर्क मार्केटिंग भारतीय के लिये नही है

ज्यादातर नये नेटवर्कर के मन मे ये सबाल आता है, क्योंकि नेटवर्क मार्केटिंग को लोग भारत मे गम्भीरता से नही लेते है। लेकिन असल मे नेटवर्क मार्केटिंग हमारी जिन्दगी का एक हिस्सा है। हम भारतीय बचपन से ही नेटवर्क मार्केटिंग करते आये हैं। जब भी हम कोई प्रोडक्ट टीवी, फ्रिज, ऐसी खरीदते है तो उसकी मार्केटिंग करते है कि हम उस प्रोडक्ट को फलां दुकान से लाये है वहाॅ से लेने पर हम डिस्काउण्ट मिला है या फिर एक्सट्रा कोई प्रोडक्ट मिला है। हम भारतीय तो अगर जलेबी भी खरीदने जाऐ और हमे पसन्द आये तो उस हलवाई की भी मार्केटिंग करने लगते हैं। जब इनकी मार्केटिंग करने के बदले में आपको कुछ भी नही मिलता है। जबकि नेटवर्क मार्केटिंग का सीधा सिध्दान्त है कि आपकी मार्केटिंग की वजह से अगर किसी के बिजनेस मे सेल बढती है तो आपको पैसा मिलेगा। सोचिये आज तक जो काम आप फ्री मे करते आये है वही काम को आपको पैसे मिलने लगे तो क्या होगा। नेटवर्क मार्केटिंग भारतीय बाजारो के लिये अनुकूल नही है ये सिर्फ एक मिथ है।

नेटवर्क मार्केटिंग एक छोटा-मोटा व्यापार है

ये भी एक मिथ है क्योंकि नेटवर्क मार्केटिंग का बिजनेस कई हजार करोड मे हैं। कई ऐसी बडे ब्राॅण्ड है जिनका दारोमदार सिर्फ नेटवर्क मार्केटिंग पर ही टिका है। नेटवर्क मार्केटिंग को छोटा समझना का एक मुख्य कारण ये भी है कि यहाॅ निवेश कम होता है एक चाय की दुकान खोलने से भी कम। इसलिये इसे अक्सर छोटा-मोटा या साफ शब्दो मे कहे तो काम चलाऊ बिजनेस मान लिया जाता है। लेकिन नेटवर्क मार्केटिंग परम्परागत बिजनेस की तरह ही है। आज ऐसे कई नेटवर्कर है जो नेटवर्क मार्केटिंग से ही करोडपति बन चुके हैं।

नेटवर्क मार्केटिंग का बाजार फुल हो चुका है

अक्सर ये सोचा जाता है कि नेटवर्क मार्केटिंग का बाजार अब खत्म हो चुका है। बाजार मे एमएलएम करने के लिये लोग है ही नही। जबकि ये भी एक मिथ है। इस मिथ के का बडा कारण ये है कि जब हम किसी को नेटवर्किंग से जुडने के लिये आफर करते है तो ज्यादातर लोग मना कर देते है। जरा आप सोचिये आप कोई मोबाइल बेच रहे है तो क्या सभी लोग आपके मोबाइल को खरीदेंगे। नही, सिर्फ कुछ ही लोग आपके मोबाइल को खरीदेंगे। तो क्या ये मान लिया जाये कि मोबाइल को मार्केट फुल हो गया है। अब कोई भी मोबाइल मार्केट मे नही बिकेगा। सत्य तो यह है कि आज के दौर मे लोगो के पास दो-दो मोबाइल फोन है फिर भी रोज नये-नये मोबाइल मार्केट मे लाॅच हो रहे है। एण्ड्रायड फोन का जमाना है फिर भी मार्केट मे फीचर फोन लाॅच हो रहे है। सैमसंग जैसी बडी कम्पनी भी साधा फोन निकाल रही है। इसका सीधा सा मतलब है कि जब तक दुनिया है तब तक बाजार है और तब तक हर किस्म के प्रोडक्ट की माॅग बनी रहेगी। क्योंकि हर व्यक्ति को अपने हिसाब का प्रोडक्ट चाहिये। एमएलएम भी कुछ ऐसा ही है।

नेटवर्क मार्केटिंग पैसा कमाने का आसान रास्ता है

ज्यादातर लोग नेटवर्किंग मे ये सोच कर ही आती है कि नेटवर्क मार्केटिंग एक जादुई तरीका है जिससे रातो रात पैसो की बारिश होने लगेगी। लेकिन ये भी एक मिथ है। नेटवर्क मार्केटिंग न तो जादूई तरीका है और न ही पैसा कमाना का शाॅटकर्ट। अन्य बिजनेस की तरह ही नेटवर्क मार्केटिंग भी उतना ही कठिन है। यहाॅ भी आप तभी सफल होगे जब आपके अन्दर हार्डवर्क करने की क्षमता होगी। आप जितना ज्यादा हार्डवर्क करेंगे उतना ज्यादा ही सफल होगे। अन्य बिजनेस के अलावा नेटवर्क मार्केटिंग मे एक आसान बात यह है कि इसे कम लागत के साथ शुरू किया जा सकता है। बाकी ये परम्परागत बिजनेस जैसा ही है।

नेटवर्क मार्केटिंग बेरोजगार व निम्न वर्ग के लोगो का बिजनेस है

ऐसा तो बिल्कुल भी नही है। नेटवर्क मार्केटिंग एक समुन्दर है जब आप इसमे आओगे तो जानोगे कि एक से एक बडा डाॅक्टर, इंजीनीयर, नेता, व्यापारी इस बिजनेस से जुडा है। आपको यहाॅ हर क्षेत्र के लोग मिल जाऐंगे जो नेटवर्क मार्केटिंग को करते है। ऐसे भी कई लोग मिलेंगे जो पहले से काफी समृध्द है फिर भी नेटवर्क मार्केटिंग कर रहे हैं।

नेटवर्क मार्केटिंग बहुत ज्यादा समझदार, चालाक व तेजतर्रार लोगो का काम है।

हाॅ ये बात सत्य है कि नेटवर्क मार्केटिंग बुध्दिमान लोगों का काम है लेकिन दुनिया का कोई भी बिजनेस हो इसमे बुध्दि की आवश्यकता पडती है। लेकिन दुनिया मे कोई भी व्यक्ति माॅ के पेट से बुध्दिमान पैदा नही होता। जन्म के बाद उसके बुध्दिमान बनने की प्रक्रिया शुरू होती है। वो जैसे जैसे माहौल मे जाता है वैसी ही बुध्दि उसको प्राप्त होती है। दुनिया के किसी भी बिजनेस को शुरू करने के लिये आपको पहले सीखना पडता है लेकिन नेटवर्क मार्केटिंग ही ऐसा अनोखा बिजनेस है जहाॅ आप बिजनेस शुरू करने के बाद सीखते हैं और आखिर तक सीखते रहते है। इसलिये आप बुध्दिमान नही हो फिर भी नेटवर्क मार्केटिंग ज्वाइन करके सफल हो सकते हो क्योंकि नेटवर्क मार्केटिंग मे मार्केटिंग से ज्यादा जोर ट्रैनिंग पर दिया जाता है।

नेटवर्क मार्केटिंग मे प्रोडक्ट बहुत मंहगे होते है

ये बात भी एक हद तक सही है लेकिन सभी मामलो मे ऐसा नही होता है। आज के दौर मे चैम्पकैश जैसी कम्पनी ने नेटवर्क मार्केटिंग को डिजीटल मार्केटिंग से जोड कर प्रोडक्ट को बिल्कुल फ्री कर दिया है। इस बिजनेस मे किसी को भी एक रूपया नही लगाना होता है और हजारो लाखों रूपये मे कमाई होती है। वहीं कुछ कम्पनियाॅ है जिनके प्रोडक्ट महंगे है लेकिन आपको किसने कहा है कि मंहगे प्रोडक्ट वाली कम्पनियाॅ ज्वाइन करें। सभी कम्पनियों के प्रोडक्ट महंगे नही होते हैं। कुछ कम्पनियों के प्रोडक्ट मंहगे लेकिन प्रोडक्ट की क्वालिटी बेजोड है ऐसे प्रोडक्ट की कीमते उनकी क्वालिटी के आगे बौनी साबित होती है।

नेटवर्क मार्केटिंग के प्रोडक्ट की क्वालिटी घटिया होती है।

यह भी एक हद तक सही है लेकिन ये सम्पूर्ण सत्य नही है। मार्केट मे घटिया प्रोडक्ट वाली कम्पनियाॅ आती तो है लेकिन ज्यादा दिन टिक नही पाती है। वहीं मार्केटिंग मे एक से एक अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट भी उपलब्ध है। कम्पनी ज्वाइन करने से पहले बस थोडी से बुध्दिमानी दिखाई जाऐ तो आप इस समस्या से बच सकते हो। अच्छे प्रोडक्ट वाली कम्पनी से जुडे चाहे इसके प्रोडक्ट अन्य कम्पनी की अपेक्षा मे मंहगे ही क्यो न हो।